​शाला प्रवेशोत्सव: बालक आश्रम शाला गौरदंड में विद्यार्थियों का हुआ उत्साहपूर्ण स्वागत

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संवाददाता बोधन नाग – नारायणपुर, 24 जून 2026। जिले के विभिन्न विद्यालयों में नवीन शैक्षणिक सत्र के शुभारंभ के अवसर पर आज शाला प्रवेशोत्सव का आयोजन उत्साह एवं हर्षोल्लास के साथ किया गया। इसी क्रम में शासकीय हाई स्कूल एवं माध्यमिक शाला, बालक आश्रम शाला गौरदंड में भी शाला प्रवेशोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रिय सहभागिता रही।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा नवप्रवेशी विद्यार्थियों का तिलक लगाकर, पुष्प एवं मिठाई देकर आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे बच्चों में नए शैक्षणिक सत्र को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अतिथियों एवं शिक्षकों ने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने, अनुशासन का पालन करने तथा शिक्षा के महत्व को समझने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा ही वह माध्यम है, जो बच्चों के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती है। विद्यार्थियों से मन लगाकर अध्ययन करने तथा विद्यालय की विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया गया।

विद्यालय के शिक्षकों ने शासन द्वारा संचालित विभिन्न शैक्षणिक योजनाओं, छात्रवृत्ति, निःशुल्क पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी भी अभिभावकों को दी। साथ ही शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने तथा बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए विद्यालय द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया।

शाला प्रवेशोत्सव के दौरान बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम को आकर्षक बनाया। गीत, कविता एवं स्वागत नृत्य की प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। अभिभावकों ने भी विद्यालय के प्रयासों की सराहना करते हुए बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधन द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों का आभार व्यक्त किया गया। शाला प्रवेशोत्सव का मुख्य उद्देश्य अधिक से अधिक बच्चों को विद्यालय से जोड़ना, शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना तथा नए विद्यार्थियों को विद्यालयीन वातावरण से परिचित कराना रहा। पूरे आयोजन में उत्साहपूर्ण वातावरण देखने को मिला और सभी ने नए शैक्षणिक सत्र को सफल बनाने का संकल्प लिया।

“शिक्षा ही वह माध्यम है जो बच्चों के भविष्य को संवारती है। आश्रम शाला गौरदंड में हमारा प्रयास रहेगा कि हम बच्चों को न केवल बेहतर शिक्षा दें, बल्कि उनके सर्वांगीण विकास के लिए एक सुरक्षित और मनोरंजक माहौल भी प्रदान करें।”

— संस्था प्रमुख, बालक आश्रम शाला गौरदंड

 

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