- नारायणपुर / छोटेडोंगर
- शनिवार को छोटेडोंगर में 84 परगना देवी-देवताओं के भव्य सम्मेलन एवं माता पहुंचनी उत्सव में से गूंजा उठा माता मंदिर
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- नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर की पावन धरा अपनी अद्वितीय संस्कृति और अटूट परंपराओं के लिए विश्व विख्यात है इसी कड़ी में आज नारायणपुर जिले के छोटेडोंगर के माता मंदिर में सुबह से श्रद्धा और उल्लास का एक अद्भुत संगम देखने को मिला अवसर था माता पहुंचनी सहित विभिन्न ग्रामों के देवी-देवताओं के भव्य सम्मेलन का जिसे स्थानीय ग्रामीणों ने पूरी भव्यता और हर्षोल्लास के साथ संपन्न किया
- इस पारंपरिक आयोजन में 84 परगना एवं आस पास के विभिन्न देवी-देवताओं के विग्रहों और प्रतीकों को लाया गया।ढोल- नगाड़ों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर थिरकते नगर वासियों-ग्रामीण और सेवादारों ने इस शौभायात्र का वातावरण को भक्तिमय बना दिया।मान्यता है कि इस तरह के सम्मेलन से क्षेत्र में सुख-शांति और खुशहाली आती है।
- ग्रामीणो ने बताया कि इस तरह के सम्मेलनों से आने वाली पीढ़ी को अपनी संस्कृति और जड़ों से जुड़े रहने की प्रेरणा मिलती है
- हमारी संस्कृति ही हमारी पहचान है-माता पहुंचनी के आशीर्वाद से आज पूरा क्षेत्र एक सूत्र में बंधा नजर आया।
’¢- ग्रामीणों के अनुसार- यह सम्मेलन केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं है बल्कि यह आपसी भाईचारे और बस्तर की समृद्ध विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने का एक सशक्त माध्यम है बस्तर की संस्कृति में देवी-देवताओं का स्थान सर्वोच्च है ।आज का यह सम्मेलन हमारी प्राचीन परंपराओं के प्रति अटूट विश्वास का प्रतीक है जो
- छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिला जो बस्तर संभाग की सांस्कृतिक राजधानी कहे जाने वाले क्षेत्रों में परंपराओं का निर्वहन आज भी उसी जीवंतता के साथ किया जाता है जैसा सदियों पहले था।यह आयोजन 70 साल पहले हुआ था।इसके बाद 70 साल के बाद यह आयोजन किया गया।इस आयोजन में हज़ारो की संख्या में लोगों ने शिरकत की और अपने परिवार की सुख समृदृधि की कामना की ।

छोटेडोंगर में माता पहुंचानी में उमड़ा जनशैलाब आस्था का महासंगम :
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