मथुरा : यूपी में 2027 के चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन मथुरा में सियासी पारा अभी से उफान पर आ गया है. समाजवादी पार्टी के भीतर कलह की शुरुआत हुई है, जोकि घमासान से बढ़ते हुए सीधे थाने की चौखट तक पहुंच गया है. टिकट की राजनीति, रंगदारी के आरोप, अपहरण की धमकी और अश्लील गालियों जैसे गंभीर आरोपों ने मथुरा में सपा के भीतर नई लड़ाई पैदा कर दी है. हुआ ये है कि पार्टी की ही महानगर अध्यक्ष ने सपा के प्रदेश सचिव पर मुकदमा दर्ज कराया है. जिस नेता पर आज गंभीर आरोप लगे हैं, उसका विवादों से पुराना नाता रहा है. यहां तक की अखिलेश यादव उसे पूर्व में भी मकान कब्जाने के आरोप में पार्टी से 6 साल के लिए सस्पेंड कर चुके हैं. आइये जानते हैं…
जानकारी के मुताबिक, समाजवादी पार्टी की महानगर अध्यक्ष ऋतु गोयल ने प्रदेश सचिव और जनपद प्रभारी जागेश्वर यादव पर रंगदारी, अपहरण की धमकी जैसे गंभीर आरोप लगाते हुए थाना हाईवे में केस दर्ज कराया है. एक तरफ महानगर अध्यक्ष ने जहां पार्टी हाईकमान को सारे मामले से बजा दिया हैं वहीं, पुलिस ने भी मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है.
दरअसल, पूरा मामला मामला 2 लाख रुपये की रंगदारी, अश्लीलता और बच्चों के अपहरण की धमकी के आरोपों से जुड़ा है. ऋतु गोयल ने हाईवे थाने में दी गई शिकायत में बताया कि वह 2027 विधानसभा चुनाव में मथुरा की सदर सीट से टिकट की दावेदार हैं. उनका आरोप है कि नरसीपुरम कॉलोनी निवासी सपा प्रदेश सचिव जागेश्वर यादव उन्हें लंबे समय से टिकट कटवाने का डर दिखाकर ब्लैकमेल कर रहे हैं. ऋतु गोयल के अनुसार, आरोपी का कहना है कि पार्टी हाईकमान उसके इशारे पर चलता है और यदि उन्हें चुनाव लड़ना है तो 2 लाख रुपये की ‘चौथ’ देनी होगी.
अश्लील हरकत करने का भी आरोप
शिकायत में यह भी दावा किया गया है कि आरोपी पूर्व में उनसे 20 हजार रुपये ले चुका है. सपा महानगर अध्यक्ष ने अश्लील हरकतें और बच्चों के अपहरण की धमकी देने के भी आरोप लगाए हैं. तहरीर के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले प्रदेश सचिव ने उनके साथ अश्लील हरकतें की थीं. इतना ही नहीं, जब उन्होंने पैसे देने और दबाव में आने से इनकार किया तो आरोपी ने एक कार्यकर्ता के मोबाइल पर कॉल करके ऋतु गोयल के बच्चों के अपहरण की धमकी दी. उन्होंने इस पूरे प्रकरण से सपा के शीर्ष नेतृत्व को भी अवगत कराने की बात कही है.
उन्होंने पार्टी हाईकमान पर विश्वास जताते हुए कहा है कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महिलाओं के सम्मान का सदैव ध्यान रखते हैं और पहले भी जागेश्वर यादव को एक मकान का कब्जा करने के आरोप में पार्टी से 6 साल के लिए निष्कासित कर चुके हे और ऐसे ही लोग पार्टी को बदनाम करने में लगे हुए हैं.
उधर एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है. सीओ रिफायनरी अनिल कपरवान ने बताया कि पुलिस इस हाई-प्रोफाइल मामले की गहनता से जांच कर रही है. साक्ष्यों और कॉल डिटेल्स के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. फिलहाल, इस घटना ने मथुरा के राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज कर दी है.