रामपुर: अगर आप खेती से हटकर कोई ऐसा काम शुरू करना चाहते हैं, जिसमें जोखिम कम हो और कम समय में अच्छा मुनाफा मिल तो पौधों की नर्सरी का बिजनेस एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. रामपुर के मोहम्मद इब्राहिम ने इसे सिर्फ साबित ही नहीं किया बल्कि इसे मुनाफे का मजबूत मॉडल बना दिया है.
इस काम में रामपुर के इब्राहिम करीब 6 लाख पौधे तैयार कर चुके हैं. उनके अनुसार यूकेलिप्टस और पॉपुलर जैसे पौधों की मांग इतनी ज्यादा है कि खर्च निकालने के बाद भी उन्हें हर सीजन में 4 से 5 लाख रुपये तक का मुनाफा हो रहा है.
इब्राहिम बताते हैं कि उन्होंने नर्सरी गांव के अंदर लगाने के बजाय मेन रोड के किनारे लगाएं इसका सबसे बड़ा फायदा यह हुआ कि आसपास के किसान और खरीदार आसानी से वहां तक पहुंच जाते हैं. सड़क के पास होने से बिक्री तेज होती है और भरोसा भी बनता है उनकी नर्सरी से रोजाना 4 हजार से लेकर 10 हजार पौधे तक बिक जाते हैं.
कौन से पौधे ज्यादा मुनाफा देते हैं
नर्सरी बिजनेस में सबसे जरूरी होता है सही किस्म का चुनाव इब्राहिम के मुताबिक पॉपुलर और यूकेलिप्टस ऐसे पौधे हैं जिनकी मांग सालभर बनी रहती है. किसान इन्हें लकड़ी और अन्य उपयोग के लिए बड़े पैमाने पर लगाते हैं. एक पौधे की औसत कीमत 4 से 5 रुपये रहती है, लेकिन जब लाखों पौधे बिकते हैं तो कमाई अपने आप बड़ी हो जाती है. खास बात यह है कि बीज बोने के करीब दो महीने बाद ही पौधे बेचने लायक हो जाते हैं यानी ज्यादा समय तक इंतजार नहीं करना पड़ता
नर्सरी लगाने का सही तरीका
अगर आप भी यह बिजनेस शुरू करना चाहते हैं, तो सबसे पहले अच्छी जमीन का चुनाव करें जमीन ऐसी होनी चाहिए जिसमें जल निकासी अच्छी हो. इसके बाद मिट्टी की तैयारी जरूरी है. गोबर की खाद जैसी जैविक खाद मिलाएं.
रोपण आमतौर पर 2×2 मीटर या 3×3 मीटर की दूरी पर किया जाता है, ताकि पौधों को सही जगह और पोषण मिल सके. नर्सरी में नियमित सिंचाई, खाद और कीट नियंत्रण पर ध्यान देना जरूरी है तभी पौधे मजबूत और बिकाऊ बनते हैं.
इब्राहिम बताते हैं कि नर्सरी साल में दो बार लगाई जाती है. एक बार अक्टूबर में और दूसरी बार जनवरी में. इससे साल में दो सीजन की कमाई हो जाती है. बाजार की मांग को देखकर कटाई और बिक्री की जाती है, जिससे नुकसान की संभावना भी कम रहती है.
कितना आता है खर्चा
इस बिजनेस को सही तरीके से शुरू करने के लिए कम से कम चार बीघा जमीन होना जरूरी है. शुरुआती निवेश करीब पांच लाख रुपये के आसपास आता है, जिसमें बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और अन्य खर्च शामिल होते हैं, लेकिन अगर जगह सही हो और काम ठीक से किया जाए तो यह निवेश जल्दी निकल आता है.
नर्सरी बिजनेस में स्थानीय किसानों, लकड़ी के व्यापारियों और कंपनियों से संपर्क बनाए रखना बहुत जरूरी है. जैसे-जैसे आपकी नर्सरी की पहचान बनती जाती है ग्राहक खुद आप तक पहुंचने लगते हैं.
लोगों को भी दे रहे हैं रोजगार
मोहम्मद इब्राहिम का कहना है कि अगर मेहनत और समझदारी से काम किया जाए, तो नर्सरी का बिजनेस सिर्फ कमाई का जरिया नहीं बल्कि एक स्थायी रोजगार बन सकता है. आज वह न सिर्फ खुद अच्छी कमाई कर रहे हैं, बल्कि कई लोगों को रोजगार भी दे रहे हैं.